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बुधवार, फ़रवरी 6

सहारा

 
 

खुद का सहारा खुद बन जाओ
राहें अपनी आप सजाओ
जीवन लक्ष्य उसी को मिलता
चट्टानों से जो नहीं डरता...खुद का

सोना जितना ज्यादा तपता
गहना उतना बढ़िया बनता
घाट घाट का पानी जो पीता
जंग वही जीत पाता.....खुद का

साथ उसी का कुदरत देती
जिस की वो परीक्षा लेती
ईम्तहान से जो डर जाता
मंजिल अपनी कभी न पाता....खुद का

वीर शिवाजी वीर प्रताप
झांसी की रानी ईन्दिरा गाँधी
चट्टानों से टकराकर सब
बन गये थे इक आँधी.....खुद का
कुमार अहमदाबादी

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