Translate

शुक्रवार, जनवरी 7

कसम भवानी की

कसम भवानी की,

जिस माली को हम भारतीयों ने

उद्यान के विकास के लिये

तीन सौ से ज्यादा कमल सौंपे हैं

उस माली का कोई 

चवन्नी छाप शत्रु अहित करने की सोचेगा, तो

उस शत्रु को

हम पंचमहाभूत में नहीं 

सिर्फ, शून्य में 

जी हां, 

सिर्फ शून्य में विसर्जित कर देंगे

कसम भवानी की........

कुमार अहमदाबादी 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

बब्बर शेर(अनुदित)

  अनुवादक - महेश सोनी  दो नवयुवतियां सूर्योदय के समय मस्तक पर घडे रखकर जंगल की पगदंडी पर चली जा रही थी। कैसा अनुपम सौंदर्य…. पतली पतली उंगलि...