Translate

मंगलवार, जनवरी 24

सत्य भारत की शान है (ग़ज़ल)

 

सत्य भारत की शान है

मान है औ’ अभिमान है


जो बताया है सत्य ने

रास्ता वो आसान है


सत्य को जो पढ़ ना सके

आदमी वो नादान है


सोचने की है बात ये

सत्य से तू अनजान है


ओम में क्या है सत्य तू

सत्य की ही संतान है

*कुमार अहमदाबादी*

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

बब्बर शेर(अनुदित)

  अनुवादक - महेश सोनी  दो नवयुवतियां सूर्योदय के समय मस्तक पर घडे रखकर जंगल की पगदंडी पर चली जा रही थी। कैसा अनुपम सौंदर्य…. पतली पतली उंगलि...