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बुधवार, जून 13

खो गया

आदमी सो गया।
राख में खो गया॥

साँस थी बोझ पर।
अंत तक ढो गया॥

भोर से शाम तक।
हँसकर वो गया॥

नैन टकराये यूँ।
हादसा हो गया॥

खुशबू देने का गुण।
फूल में बो गया॥

क्या पता कितनों की।
मौत पे रो गया॥

भीड में सच कहाँ?
जाने कब खो गया॥

शब्द में छंद में।
भाव पिरो गया॥

शब्दरथ का 'कुमार'।
सारथी हो गया
कुमार अमदावादी

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मेरा परिचय

n t s o o S e p d 3 9   Shared with On मेरा नाम महेश सोनी है। गुजराती माध्यम में कक्षा 11 तक शिक्षा प्राप्त की है। जडतर ज्वैलरी का कलाकार था...