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मंगलवार, फ़रवरी 8

चिंता

बेटा, 

यहां से घर जाते ही कुछ खा लेना।

आज सुबह से 

यानि 

मेरी आखिरी सांस के बाद

तूने कुछ नहीं खाया है

चिता पर सोयी 

माता के मन के भाव पढकर 

ब्रह्माण्ड रो पडा।

कुमार अहमदाबादी

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