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शनिवार, अगस्त 26

बाबे री माळा फेरो(भजन)

तर्ज- बन्ना रे बागां में


भाई रे बाबा री माळा फेरो

सांचे हिवडे सूं सांचे मनडे सूं सांचे हिवडे सूं

माळा फेरो म्हारा प्यारा भायला


1

भाई रे हाथ में माळा थांरे -2

थारी आंख्यां ओ थारी निजरां ओ थांरो चितडो

इत उत डोले म्हारा प्यारा भायला


2

भाई रे माळा में मनडो नी लागे -2

कद माळा कदे कपड़ा कदे घडी घडी घडियां

नाराज म्हारा प्यारा भायला


3

भाई रे थारी आंख्यां थीर ना रेवे -2

थे  पळ पळ थे क्षिण क्षिण थे तो झटपट

आसन बदलो म्हारा प्यारा भायला


4

भाई रे काँच में मूंडो निरखे -2

थारी चेतना में थारी आत्मा ने थारे ज्ञान ने

क्यूं नी निरखे म्हारा प्यारा भायला 




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