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बुधवार, दिसंबर 13

किस की है माला(रुबाई)




जीवनभर मणकों की फेरी माला
कर के तेरी एवं मेरी माला
जब बिखरे मणके सारे तब समझे
वो ना मेरी थी ना तेरी माला
कुमार अहमदाबादी

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