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मंगलवार, नवंबर 4

बेमौसम बरसात (रुबाई)


जब जब होती है बेमौसम बरसात 

शोले बन जाते हैं मीठे हालात 

कहती है बरसात आओ तुम भीगो

हौले हौले फिर भीगेंगे जज़बात 

कुमार अहमदाबादी

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