मेरे जैसे ही इस दीवाने से
बातें करता हूँ मैं पैमाने से
बातें तो फ़ालतू की होती है पर
दोनों को बांधती है याराने से
कुमार अहमदाबादी
साहित्य की अपनी एक अलग दुनिया होती है। जहां जीवन की खट्टी मीठी तीखी फीकी सारी भावनाओं को शब्दों में पिरोकर पेश किया जाता है। भावनाओं को सुंदर मनमोहक मन लुभावन शब्दों में पिरोकर पेश करने के लिये लेखक के पास कल्पना शक्ति होनी जरुरी है। दूसरी तरफ रचना पढ़कर उस का रसास्वादन करने के लिये पाठक के पास भी कल्पना शक्ति होनी जरुरी है। इसीलिये मैंने ब्लॉग का नाम कल्पना लोक रखा है।
સૂરજના આંગણે ગરબે રમીએ ચાંદાને આંગણે રાસ તારા રમશે નક્ષત્રો રમશે ધરતી રમશે મંગળ રમશે ચાંદાને આંગણે રાસ…સૂરજ રમશે શહેરો રમશે ગામડાં રમશે પોળ...
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