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शुक्रवार, जून 28

मैं, मैं नहीं हूँ

मैं, मै नहीं हूँ
क्योंकि,
मैं
सोनी हूँ महेश हूँ द्वेष हूँ
कवि हूँ लेखक हूँ निशेष हूँ..........

मैं
नागरिक हूँ भारतीय हूँ
गुजराती हूँ अहमदाबादी हूँ


मैं
राजस्थानी हूँ बीकानेरी हूँ
इंडियन हूँ एशियन हूँ

मैं
साहित्यकार हूँ कथाकार हूँ
वार्ताकार हूँ संगीतकार हूँ..........

मैं
पुत्र हूँ पिता हूँ पति हूँ
ससुर हूँ दादा हूँ नाना हूँ.......

मैं
दोस्त हूँ मित्र हूँ सखा हूँ
प्यार हूँ प्रणय हूँ परिणय़ हूँ

मैं
भाई हूँ जंवाइ हूँ वेवाई* हूँ
आर्य हूँ कार्य हूँ कर्ता हूँ

मैं ये सब तो हूँ पर इतना ही नहीं हूँ
और भी विस्तृत हूँ, जैसे जेठ, देवर हूँ

मैं वामन में विराट हूँ
पर मैं ये सब क्यों हूँ?
क्योंकि,
क्योंकि मैं इंसान हूँ
- - - - - - - - - -
कुमार अहमदाबादी

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