Translate

बुधवार, जुलाई 31

बेटी री [राजस्थानी रचना]

जात ने तू क्यों मिटावे बेटी री
कोख ने क्यों चिता बणावे बेटी री

बेटी लछमी बेटी सरसूती है तोइ
क्यों भलाई तू न चावे बेटी री

भार कऴी पर नोखे क्यों बेसुंबार
जोन जल्दी क्यों जिमावे बेटी री

बेटे बेटी ने बराबर मोने तो
मरजी री शादी कराये बेटी री

भोऴे ने अरदास कर तूं रोज आ
चूंदडी ना कोई लजावे बेटी री
कुमार अहमदाबादी

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

संगीत से रोगोपचार

 MUSIC FOR HEALTH संगीत द्वारा बहुतसी बीमारियों का उपचार सभंव, चिकित्सा विज्ञान मानता हैं कि प्रतिदिन २० मिनट अपनी पसंद का संगीत सुनने से बह...