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शनिवार, दिसंबर 24

सूरज की रोशनी(रूबाई)

 


*सूरज की रोशनी उदय से समझो*
*संसार करे याद विनय से समझो*
*अनजान प्रकाश से दिशाएं चमकी*
*घटना है दिन रात समय से समझो**

  अनुवादक – कुमार अहमदाबादी*

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