Translate

सोमवार, मई 8

ये तिलक पहचान है


 
   ये तिलक पहचान है
                            साथिया भी शान है                         

विश्व में अब हिंदू का
हो रहा सम्मान है

सार गीता का सुनो
वो ही सच्चा ज्ञान है

बस सनातन धर्म ही
ब्रह्म की संतान है

राम एवं कृष्ण हर
हिंदू का अभिमान है

हिंदू नीती रीति में
सांस लेना आसान है

विश्व सारा कर रहा
बिंदी का सम्मान है
कुमार अहमदाबादी

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

बब्बर शेर(अनुदित)

  अनुवादक - महेश सोनी  दो नवयुवतियां सूर्योदय के समय मस्तक पर घडे रखकर जंगल की पगदंडी पर चली जा रही थी। कैसा अनुपम सौंदर्य…. पतली पतली उंगलि...