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मंगलवार, मई 9

छोटा सा बाग खिलाना है(मुक्तक)


 

फूलमाला   से  गला  तेरा  सजाना  है
जोड़कर  संबंध  जीवनभर  निभाना है
ये वचन देता हूं तुम को आज मैं जानम
साथ मिलकर बाग़ छोटा सा खिलाना है
कुमार अहमदाबादी

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