शादी के नये मस्त नशे में है चूर
ये सोचती है क्यों है सनम मुझ से दूर
दफ्तर से आकर वो ही भरेंगे अब मांग
चुटकी में लिये बैठी है कब से सिंदूर
कुमार अहमदाबादी
साहित्य की अपनी एक अलग दुनिया होती है। जहां जीवन की खट्टी मीठी तीखी फीकी सारी भावनाओं को शब्दों में पिरोकर पेश किया जाता है। भावनाओं को सुंदर मनमोहक मन लुभावन शब्दों में पिरोकर पेश करने के लिये लेखक के पास कल्पना शक्ति होनी जरुरी है। दूसरी तरफ रचना पढ़कर उस का रसास्वादन करने के लिये पाठक के पास भी कल्पना शक्ति होनी जरुरी है। इसीलिये मैंने ब्लॉग का नाम कल्पना लोक रखा है।
MUSIC FOR HEALTH संगीत द्वारा बहुतसी बीमारियों का उपचार सभंव, चिकित्सा विज्ञान मानता हैं कि प्रतिदिन २० मिनट अपनी पसंद का संगीत सुनने से बह...
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