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सोमवार, नवंबर 2

दो ब्लोक बस्टर के पचास वर्ष

2025 में दो ब्लॉक बस्टर फिल्मों को प्रदर्शित हुए पचास वर्ष हो गये। पहली फिल्म शोले और दूसरी जय संतोषी मां थी। शोले एक बड़े बजट की फिल्म थी। जब की जय संतोषी मां बहुत ही कम बजट में बनी थी। शोले लगभग तीन या पांच करोड़ में बनी थी। 

जय संतोषी मां मूवी का बजट इतना कम था कि निर्माता ने एकदम नये या कम प्रचलित कलाकारों को लिया था। 


इस मूवी का स्तर उस समय की गुजराती फिल्मों जैसा था। लेकिन फिल्म जबरदस्त सुपर हीट ब्लॉक बस्टर साबित हुई। एसी ब्लॉक बस्टर की कुछ विदेशी मूवी रिसर्चरों ने भी इस पर डॉक्यूमेंट्री बनाई। 


मूवी लगभग पचीस से तीस लाख में बनी थी। मूवी ने भारत में पांच से आठ करोड व वर्ल्ड वाइड आठ से दस करोड की कमाई की थी।


उस समय जन मानस पर संतोषी माता का एसा प्रभाव था। लोग गांवों से बैलगाड़ियां भर-भर कर मूवी देखने जाते थे। जूते चप्पलों को ऑडिटोरियम (जहां बैठने की कुर्सियां होती है) के बाहर खोलकर जाते थे। कई स्त्रियां पूजा की थालीयां लेकर जाती थी। जब परदे पर पहली बार संतोषी माता दिखाई देती थी। तब स्त्रियां आरती उतारती थी। कई स्त्रियां एसे चौधार आंसुओं से रोती थी। जैसे साक्षात संतोषी माता के दर्शन कर रही हों। संतोषी माता का पात्र निभानेवाली अनिता गुहा के बंगले के सामने रोज भीड इकट्ठी होती थी।


एक रौचक बात सुनिये, 

जय संतोषी मां के गीत कवि प्रदीप ने लिखे थे। जब की उन्होंने पहले कभी संतोषी मां का नाम भी नहीं सुना था। इस का कारण है। संतोषी माता का उल्लेख भारतीय पुराणों या शास्त्रों में कहीं नहीं है। 

इस घटना को फिल्म के अंत में एक संवाद द्वारा बताया गया है। 

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