आशा ने जब दीप जलाया
लौ ने जलवा खूब दिखाया
कोना कोना रोशन कर के
जगमग ने कर्तव्य निभाया
कुमार अहमदाबादी
लौ ने जलवा खूब दिखाया
कोना कोना रोशन कर के
जगमग ने कर्तव्य निभाया
कुमार अहमदाबादी
साहित्य की अपनी एक अलग दुनिया होती है। जहां जीवन की खट्टी मीठी तीखी फीकी सारी भावनाओं को शब्दों में पिरोकर पेश किया जाता है। भावनाओं को सुंदर मनमोहक मन लुभावन शब्दों में पिरोकर पेश करने के लिये लेखक के पास कल्पना शक्ति होनी जरुरी है। दूसरी तरफ रचना पढ़कर उस का रसास्वादन करने के लिये पाठक के पास भी कल्पना शक्ति होनी जरुरी है। इसीलिये मैंने ब्लॉग का नाम कल्पना लोक रखा है।
अनुवादक - महेश सोनी दो नवयुवतियां सूर्योदय के समय मस्तक पर घडे रखकर जंगल की पगदंडी पर चली जा रही थी। कैसा अनुपम सौंदर्य…. पतली पतली उंगलि...
bahut khoob
जवाब देंहटाएंShukriyaa Jyoti sinh Ji
जवाब देंहटाएं