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मंगलवार, अक्टूबर 29

कान्हा (गीत)

कान्हा कान्हा प्यार मिला है तेरे द्वार
मोहे कर दिया तूने निहाल.... कान्हा कान्हा

गीता मुज को राह दिखाये
कर्मों की गति को समझाये...
जीवन नैया पार लगाये.... कान्हा कान्हा

प्यार तुम से मैंने किया है
जीवन तुम को सौंप दिया है
जीवन में तू लाया निखार... कान्हा कान्हा

प्यासी हूँ पर मीरा नहीं मैं
गोपी हूँ पर राधा नहीं मैं
चंदन कर दिया घर संसार... कान्हा कान्हा
कुमार अहमदाबादी
ला है तेरे द्वार
मोहे कर दिया तूने निहाल.... कान्हा कान्हा

गीता मुज को राह दिखाये
कर्मों की गति को समझाये...
जीवन नैया पार लगाये.... कान्हा कान्हा

प्यार तुम से मैंने किया है
जीवन तुम को सौंप दिया है
जीवन में तू लाया निखार... कान्हा कान्हा

प्यासी हूँ पर मीरा नहीं मैं
गोपी हूँ पर राधा नहीं मैं
चंदन कर दिया घर संसार... कान्हा कान्हा
कुमार अहमदाबादी

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