Translate

बुधवार, मार्च 22

राष्ट्र निर्माण(मुक्तक)

 


राष्ट्र के निर्माण में तन मन लगाना चाहिये
बीस  में से  एक पैसे को बचाना चाहिये
देश है तो धर्म है औ’ देश है तो कर्म है
कर्म एवं धर्म में मन को लगाना चाहिये
कुमार अहमदाबादी

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

बब्बर शेर(अनुदित)

  अनुवादक - महेश सोनी  दो नवयुवतियां सूर्योदय के समय मस्तक पर घडे रखकर जंगल की पगदंडी पर चली जा रही थी। कैसा अनुपम सौंदर्य…. पतली पतली उंगलि...