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शुक्रवार, मार्च 6

भारत का मस्तक ऊंचा था है और रहेगा(अनुदित)


(अनुदित)

अनुवादक - महेश सोनी 


शाहरुख खान दुबई को अपना दूसरा घर बताता है। भाई क क क क क किरन दुबई के बुर्ज खलिफा के नजदीक एक बंकर में अटक गयी है।‌ 

विराट और अनुष्का ने दुबई में एक कैंटी लीवर बिल्डिंग के रुफ टॉप पर डिनर की लक्जरी रील शूट की है। 

वहां से निकलने के लिये लंबी कतार लगी थी। एफ वाय आई

सैफ और सारा ने कहा दुबई “एकदम नया लग रहा है”


जी हां,

एकदम नया

बंकर और अन्य उपकरणों के कारण 

दीपीका और रणवीर अबुधाबी का ब्रांड एम्बेसडर की तरह प्रचार कर रहे थे।

साफ सुथरा वातावरण

शुद्ध हवा


वे कह रहे थे ये पारिवारिक स्थान है। पूरे परिवार के साथ यहां समय बीता सकते हैं।

वे नहीं जानते थे वो पारिवारिक स्थान मिसाइलों के दायरे में है।

यस द्वीप के लिये ऋतिक, फरहान, अभय देओल संगठित होकर प्रचार कर रहे थे।

वे कह रहे थे “जिंदगी को यस बोल” 


अब फिलहाल वहां जिंदगी स्थगित है।

कृपया थोडी देर बाद प्रयास करें


और हमारा “बौद्धिक” वर्ग? 


वो ये सब देख रहा है और सिर हिला रहा है।

“देखिये, ये सभ्यता है

जो प्रगति कर रही है”


भारत की हवा विष के समान है। 

भारत की सडकें टूटी हुई हैं। 

दुबई में स्वतंत्रता है।

यूरोप संस्कृति को जीता है।


आज दुबई धुआं धुआं हो रहा है।

यूरोप की अर्थव्यवस्था बैसाखी के सहारे है।

यूएस एक टूटे खिलौने सा है। जो अपने सहयोगीयों के सहारे चमक रहा है।


मगर भारत?

भारत ऊबाऊ है


ये बहुत कष्टदायक है

कोई मिसाइल नहीं चल रही


कोई बाहर नहीं भाग रहा

और तो और उच्च स्तरीय नागरिक भी नहीं है 

भारत बहुत उबाऊ, शांत रणनीतीवाला देश है


मेरे मन में एक सरल प्रश्न घूम रहा है


वे कहां है?


वे लिंक्ड इन दार्शनिक 

चुनिंदा अवसरों के देशभक्त 

पूर्व जनरल जो हवा में मुक्के चलाते हैं

“मोदी पुतीन के गले क्यों लगे?”


"मोदी ने बेन्जामिन नेतन्याहू को भाई क्यों कहा"

“मोदी रशिया से तेल क्यों ले रहे हैं”

"हमारी विदेश नीति दिशाहीन हो गयी है"

"भारत के तन में रीढ में हड्डी नहीं है"


कहां है ये लोग?

 देश जानना चाहता है 

क्षमा करना अर्नब


माईक हाथ में लो और बताओ 


हमें लेक्चर पिलाओ


भारत सब से वार्ता कर रहा है

रशिया 

यूएस

इसराइल

इरान

खाडी के देश

यूरोप 

अरे तालिबान तक


वे इसे समझौता करना कहते हैं 

हम इसे विकल्प खुले रखना कहते हैं 


जब मध्य पूर्व जलने लगा

भारत ने परदे के पीछे वाले संपर्कों को सक्रिय किया 


जब यूरोप लहूलुहान होने लगा

भारत के पास व्यापारिक रास्ता था


जब अमरीका साथियों को दबाने लगा

भारत ने अपना चुन लिया 

इसलिए नहीं की हम भाग्यवान हैं


इसलिए की कोई है जिस की सोच बहुत ज्यादा दूरदर्शी है

उस की सोच लोगों से दस कदम आगे है 

उस की सोच तब भी सक्रिय थी जब हमारे सितारे अलग अलग तरह की रील्स बनाने में व्यस्त थे


जो लोग भारत की विदेश नीती की आलोचना कर रहे थे वे अब चुपचाप अपने ओआईसी कार्ड की वैधता की जांच पड़ताल में लगे है। 

  वो आवाजें जो कह रही थी “भारत अब रहने लायक नहीं रहा है” 

वो भारत में लौटकर शांति से जीना चाहते हैं।


भारत एक मात्र एसी सभ्यता है जहां सुख शांति चैन व सुरक्षा व सुकून है

जहां रक्तपात नहीं है


ये सब संभव हुआ, क्यों?

क्यों कि यहां 

"समझौतावादी" "रीढ की हड्डी बिना की" “वोट चोर” कूटनीति है। कुछ लोग कुछ राजनीतिक पक्ष हमेशा जिस की खिल्ली उड़ाते रहे हैं।


तो हां,

मैं उन्हें देखना चाहता हूं 

इर्षा या द्वेष भावना से नहीं

बल्कि दस्तावेजों के दृष्टिकोण से


क्यों कि, 

इतिहास हमेशा अपने आप को दोहराता है


इतिहास दुबारा भी लिखा जाता है 

लेकिन कभी-कभी गलत लोग इतिहास लिख देते हैं; हालांकि इस बार एसा नहीं होगा।

भारत मस्तक उंचा कर के खडा है और सब देख रहा है 

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भारत का मस्तक ऊंचा था है और रहेगा(अनुदित)

(अनुदित) अनुवादक - महेश सोनी  शाहरुख खान दुबई को अपना दूसरा घर बताता है। भाई क क क क क किरन दुबई के बुर्ज खलिफा के नजदीक एक बंकर में अटक गयी...