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शनिवार, जुलाई 15

झूमतो आंगणो (राजस्थानी गज़ल)

काल थो झूमतो आंगणो 

आज क्यों है सूनो आंगणो 


बेटी ने देर फेरा अबे

बाप सो रो रियो आंगणो 


भींत ने नींव पूछी बता 

क्यों हुयो खोखलो आंगणो 


भींत घाल'र पछे भाई के'

है अबे मोकळो आंगणो 


याद परदेस में आय'सी

फूटरो सोवणो आंगणो 

कुमार अहमदाबादी

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मेरा परिचय

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