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बुधवार, जुलाई 26

बेवफा को भूल जाना चाहिए (गज़ल)


 बेवफा को भूल जाना चाहिए

भूलकर फिर मुस्कुराना चाहिए


मुस्कुराना इक हुनर है दोस्तों

ये हुनर सब को सिखाना चाहिए


शांति से उत्सव मनाने के लिये

शत्रु से भी दोस्ताना चाहिए


दोस्तों को जानने के वास्ते

दुश्मनी को आजमाना चाहिये


हुस्न से दरखास्त है तू कत्ल कर

प्यार हम को कातिलाना चाहिये


मूर्तियों को तोडना आसान है

जब बनानी हो जमाना चाहिए


बात मेरी याद रखना ए 'कुमार'

प्यार शब्दों से बढ़ाना चाहिए

कुमार अहमदाबादी

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