मूंग चीनी घी का जलवा देखता हूं
आज कल सपनों में हलवा देखता हूं
लोग खाना खा रहे हैं मस्त होकर
एक दो के हाथ में करवा देखता हूं
कुमार अहमदाबादी
(करवा पानी पीने के एक राजस्थानी बर्तन का नाम है)
साहित्य की अपनी एक अलग दुनिया होती है। जहां जीवन की खट्टी मीठी तीखी फीकी सारी भावनाओं को शब्दों में पिरोकर पेश किया जाता है। भावनाओं को सुंदर मनमोहक मन लुभावन शब्दों में पिरोकर पेश करने के लिये लेखक के पास कल्पना शक्ति होनी जरुरी है। दूसरी तरफ रचना पढ़कर उस का रसास्वादन करने के लिये पाठक के पास भी कल्पना शक्ति होनी जरुरी है। इसीलिये मैंने ब्लॉग का नाम कल्पना लोक रखा है।
MUSIC FOR HEALTH संगीत द्वारा बहुतसी बीमारियों का उपचार सभंव, चिकित्सा विज्ञान मानता हैं कि प्रतिदिन २० मिनट अपनी पसंद का संगीत सुनने से बह...
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें