इतिहास से छेड़छाड़ करने लगे हैं लोग
शब्दों के रंगों को बदलने लगे हैं लोग
भूल जाते हैं रंग बदलनेवाले भविष्य में
उन का लिखा भी बदलनेवाले हैं लोग
कुमार अहमदाबादी
साहित्य की अपनी एक अलग दुनिया होती है। जहां जीवन की खट्टी मीठी तीखी फीकी सारी भावनाओं को शब्दों में पिरोकर पेश किया जाता है। भावनाओं को सुंदर मनमोहक मन लुभावन शब्दों में पिरोकर पेश करने के लिये लेखक के पास कल्पना शक्ति होनी जरुरी है। दूसरी तरफ रचना पढ़कर उस का रसास्वादन करने के लिये पाठक के पास भी कल्पना शक्ति होनी जरुरी है। इसीलिये मैंने ब्लॉग का नाम कल्पना लोक रखा है।
n t s o o S e p d 3 9 Shared with On मेरा नाम महेश सोनी है। गुजराती माध्यम में कक्षा 11 तक शिक्षा प्राप्त की है। जडतर ज्वैलरी का कलाकार था...
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें