ये भोली कोमल और संस्कारी है
रिश्तेदारों को मन से प्यारी है
जल सी चंचल सागर सी गहरी औ'
गंगा सी पावन ये सन्नारी है
कुमार अहमदाबादी
साहित्य की अपनी एक अलग दुनिया होती है। जहां जीवन की खट्टी मीठी तीखी फीकी सारी भावनाओं को शब्दों में पिरोकर पेश किया जाता है। भावनाओं को सुंदर मनमोहक मन लुभावन शब्दों में पिरोकर पेश करने के लिये लेखक के पास कल्पना शक्ति होनी जरुरी है। दूसरी तरफ रचना पढ़कर उस का रसास्वादन करने के लिये पाठक के पास भी कल्पना शक्ति होनी जरुरी है। इसीलिये मैंने ब्लॉग का नाम कल्पना लोक रखा है।
કોપી પેસ્ટ બ્રાહ્મણની રસોઈ ને રાજપૂતની રીત, વાણિયાનો વેપાર ને પારસીની પ્રીત, નાગરની મુત્સદી ને વ્યાસની ભવાઈ, લોહાણાની હુંસાતુંસી ને ભાટિયાની...
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