Translate

बुधवार, सितंबर 17

सुहाना मौसम (रुबाई)

कितना मदमस्त है सुहाना मौसम

मनमोहक गीत गा रही है शबनम

हम दोनों इस मौसम में खो जाएं

औ’ गाएं प्रेम की सुरीली सरगम


शबनम - ओस, तुषार, सुबह सुबह फूलों पर लगा हुआ पानी 

कुमार अहमदाबादी 

गुरुवार, सितंबर 11

दो रुबाईयां


मन ही मन मुस्कुरा रही है कब से 
आंखें भी पट पटा रही है कब से
मौसम का है नशा या है यौवन का
मछली सी छटपटा रही है कब से
कुमार अहमदाबादी 



कुछ तुम कुछ हम मौसम महकाएं
मादक स्वर में मीठे नगमे गाएं
दोनों मिलकर कंगन को खनकाएं
मधुरस पीकर मधुवन में खो जाएं 
कुमार अहमदाबादी 

 

मैं तो एक ख्वाब हूं (सिने मैजिक)

गुजराती लेखक - अजित पोपट  हिन्दी अनुवादक - कुमार अहमदाबादी  ता.11-02-2011 के दिन गुजरात समाचार की कॉलम सिने मैजिक  (लेखक - अजित पोपट) के एक ...